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हल्दिबारी संवाददाता १ महिना अगाडि

इलाम के हरकटे में संचालित ‘डिवाइन डोर’ से हजारों लाभान्वित, १४ सावन (२९ जुलाई) से विशेष ‘गुरु पूर्णिमा रिट्रीट’ का आयोजन

हरकटे (इलाम) । पूर्वी नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल इलाम के हरकटे में संचालित आध्यात्मिक एवं ध्यान केंद्र ‘डिवाइन डोर नेपाल’ (Divine Door Nepal) से अब तक हजारों नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं। व्यस्त जीवनशैली, मानसिक तनाव और आंतरिक अशांति के बीच शांति की तलाश में जुटे देश-विदेश के साधकों के लिए यह केंद्र एक विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। इसी कड़ी में, स्थापना काल से ही निरंतर ध्यान, योग और आंतरिक रूपांतरण के कार्यक्रम आयोजित करने वाले इस केंद्र द्वारा आगामी १४ सावन से १९ सावन तक (तदनुसार २९ जुलाई से ३ अगस्त, २०२६ तक) विशेष ‘गुरु पूर्णिमा रिट्रीट’ (Guru Purnima Retreat) का आयोजन किया जा रहा है।

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​इस अभियान की पृष्ठभूमि बेहद प्रेरक और रोचक है। आज से ठीक बीस वर्ष पहले, विकास (Vikas) जब एक ध्यान केंद्र में गए थे, तब वे खुद भी स्पष्ट नहीं थे कि वे वहां क्यों जा रहे हैं। किसी पत्रिका के एक कॉलम में छपे आध्यात्मिक लेख ने उनके दिल को छू लिया, जिसके बाद उन्होंने एक सप्ताह के ध्यान शिविर के लिए अपना पंजीकरण कराया था। लेकिन, उस एक सप्ताह के संक्षिप्त अनुभव ने उनकी चेतना में ऐसा बदलाव लाया कि उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद के दो दशक उन्होंने निरंतर दैनिक साधना, सभी के लिए सदैव खुले रहने वाले पारिवारिक वातावरण और अंततः ‘डिवाइन डोर नेपाल’ की स्थापना में बिता दिए। बिना किसी व्यावसायिक व्यावसायिक योजना के, केवल आंतरिक परमानंद और इसे दूसरों के साथ साझा करने की पवित्र इच्छा से इस अभियान का जन्म हुआ।

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​इस विशेष रिट्रीट का संचालन विकास और जेसिका (मा प्रेम क्रांति) संयुक्त रूप से करेंगे। इसी आध्यात्मिक वातावरण में पली-बढ़ीं जेसिका एक योग और ध्यान प्रशिक्षक होने के साथ-साथ क्लिनिकल साइकोलॉजी (नैदानिक मनोविज्ञान) में भी गहरी पकड़ रखती हैं। उनके व्यावहारिक, सहज और गहरे मानवीय दृष्टिकोण के कारण साधक आसानी से ध्यान की विधियों को आत्मसात कर सकेंगे।

​इलाम के हरकटे स्थित इस केंद्र के माध्यम से अब तक हजारों साधक योग, ध्यान और मानसिक परामर्श की सेवाएं ले चुके हैं। स्थानीय स्तर के अलावा नेपाल के विभिन्न हिस्सों और पड़ोसी देश भारत से भी यहाँ ध्यान के लिए आने वालों की संख्या काफी बड़ी है। प्राकृतिक रूप से शांत और ठंडे वातावरण वाले हरकटे में ध्यान करने से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और शारीरिक व मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है, ऐसा यहाँ आने वाले सेवाग्रहियों का अनुभव है।

​इस रूपांतरणकारी यात्रा में शामिल होकर अपनी जगह सुरक्षित करने के इच्छुक साधक संस्था के आधिकारिक सोशल मीडिया प्रोफाइल (Bio) में दिए गए लिंक के माध्यम से अपनी सीट बुक कर सकते हैं।

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