झापा । सावन महीने के पहले सोमवार के अवसर पर ‘पूर्वी नेपाल के पशुपतिनाथ’ के रूप में प्रसिद्ध झापा के अर्जुनधारा जलेश्वर धाम में सुबह से ही श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। झापा सहित पूर्वी नेपाल के विभिन्न जिलों और पड़ोसी देश भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-आराधना और जलाभिषेक कर सावन का पहला सोमवार मनाया।

सावन के महीने को भगवान शिव की आराधना का विशेष महीना माना जाता है, इसीलिए मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और विभिन्न प्रकार के फूल अर्पित कर अपने परिवार की सुख, शांति, समृद्धि, सुस्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की।

धाम परिसर में सुबह से ही “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयघोषों से पूरा मंदिर क्षेत्र गुंजायमान रहा।
भक्तों को सुलभ दर्शन कराने के लिए मंदिर प्रबंधन समिति ने विशेष तैयारियां की हैं। समिति के अनुसार, कतार प्रबंधन, स्वयंसेवकों की तैनाती, पीने के पानी और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की गई है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल (APF) के जवानों को भी तैनात किया गया है।
पूर्वी नेपाल के प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थलों में से एक अर्जुनधारा जलेश्वर धाम में सावन के हर सोमवार, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक त्योहारों पर भारी मेला लगता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी पहले सोमवार को धाम परिसर में भारी चहल-पहल देखी गई है। दिनभर भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहा और प्रबंधन समिति का अनुमान है कि सावन के बाकी बचे सोमवारों में भी श्रद्धालुओं की ऐसी ही भारी उपस्थिति रहेगी।
