अंतर्राष्ट्रीय डेस्क / भारत में ‘नीट-यूजी’ (NEET-UG) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देशभर में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने इसके खिलाफ एक नया और सख्त कानून लाने की तैयारी की है।

प्रस्तावित नए कानून के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को अधिकतम १० साल की जेल की सजा और १० करोड़ भारतीय रुपये तक के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान शामिल किया गया है। इसके अलावा, पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा, जो तीन महीने के भीतर अपना फैसला सुनाएंगी।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर है और आगामी संसद सत्र में इस विधेयक को पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस बीच, नीट पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों और परीक्षार्थियों के समर्थन में पिछले २६ दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दिया है।
अस्पताल में उपचाराधीन वांगचुक से मुलाकात करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सरकार की ओर से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।
